पुस्तकालय विभाग
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Wednesday, 21 September 2022
हिंदी पुस्तक प्रदर्शनी
Tuesday, 13 September 2022
हिन्दी दिवस 2022 केंद्रीय विद्यालय गेल झाबुआ
निज भाषा का नहीं गर्व जिसे, क्या प्रेम देश से होगा उसे
वहीं वीर देश का प्यारा है, हिंदी ही जिसका नारा है
सरस, सरल मनोहारी है हिंदी,
अपनी हिंदी प्यारी है।
Hiroshima Day 2022
हर साल 6 अगस्त को हम परमाणु बम (Atomic Bomb) के विनाश के भयावहता को याद करने के लिए हिरोशिमा दिवस (Hiroshima Day 2022) मनाते है. 6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान (Japan) के हिरोशिमा पर पहला परमाणु बम गिराया था. इस बम के गिरने के बाद द्वितीय विश्वयुद्ध समाप्त हो गया था।
क्या है इस दिन का मकसद
हिरोशिमा दिवस मनाने का मकसद दुनिया में शांति की राजनीति को प्रोत्साहित करना और परमाणु बम के हमले से होने वाले नुकसान के प्रति जागरुकता पैदा करना है. 1945 में हुआ यह परमाणु हमला दुनिया के किसी भी शहर पर हुआ पहला परमाणु हमला था. इसमें एक ही झटके में हजारों लोगों की जान चली गई थी.
शिक्षक दिवस 2022 ( औचित्य एवं महत्त्व )
शिक्षक दिवस 2022 ( औचित्य एवं महत्त्व )
देशभर में सितंबर को हर साल शिक्षक दिवस बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है. शिक्षकों के लिए इस खास दिन को इसलिए मनाते हैं क्योंकि इस ही दिन देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन हुआ था . ये दिन सभी शिक्षकों व गुरुओं के लिए खास होता है. इस दौरान देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. भारत में जहां 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है वहीं विदेशों में शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है |
Wednesday, 27 July 2022
Friday, 1 July 2022
Tuesday, 21 June 2022
National Reading Day, Reading week and Reading Month 2022

The P N Panicker Foundation and P N Panicker Vigyan Vikas Kendra have been observing the Reading Day, Reading Week, and Reading Month Celebrations since 19th June, 1996, the first annual remembrance day of Shri P N Panicker, the father of Library and Literacy Movement in Kerala.
Started as a Reading Day Celebration on 19th June, 1996, by the Govt. of Kerala along with P.N. Panicker Foundation it has become a mass movement to promote the culture of reading so as to inculcate the habit of reading and promote book mindedness among school children, youth as well as the underprivileged population of the country.
Thursday, 28 April 2022
MPEDA Golden Jubilee Marine Quest - 2022
Wednesday, 27 April 2022
Friday, 22 April 2022
विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस /WORLD BOOK AND COPYRIGHT DAY -23.04.2022
विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस /WORLD BOOK AND COPYRIGHT DAY -23.04.2022
Guadalajara (Mexico) is named World Book Capital for the year 2022
The theme for World Book and Copyright Day 2022 is “Read, so you never feel low”. The motive is to enhance the scope of reading
Enrich Your Knowledge: Click below links to enrich your knowledge
1. Wikipedia on Worldbook and Copyright Day
2. Know more on World book and Copyright Day
3. Know more on World Book Capital for the year 2022
अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस’ (22 अप्रैल 2022)
अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस’(22 अप्रैल 2022)
**EARTH DAY - 22.04.2022** Theme : Invest in our Planet

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Enrich your Knowledge
Wikipeadia on Earth Day : Click Here
More information on Earth Day : Click Here
Books by EPIC on Earth Day : Click Here
Wednesday, 13 April 2022
Ambedkar Jayanti 2022
Ambedkar Jayanti 2022: संविधान निर्माता के तौर पर प्रसिद्ध बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती हर साल 14 अप्रैल के दिन मनाई जाती है। बाबा साहेब की जयंती को पूरे देश में लोग मनाते हैं। डाॅ. भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। उनका पूरा जीवन संघर्षरत रहा है। उन्होंने भारत की आजादी के बाद देश के संविधान के निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया। बाबा साहेब ने कमजोर और पिछड़े वर्ग के अधिकारों के लिए पूरा जीवन संघर्ष किया। डॉ. अंबेडकर सामाजिक नवजागरण के अग्रदूत और समतामूलक समाज के निर्माणकर्ता थे। अंबेडकर समाज के कमजोर, मजदूर, महिलाओं आदि को शिक्षा के जरिए सशक्त बनाना चाहते थे। इसी कारण डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को भारत में समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
डॉर.. बी.आ अंबेडकर के अनमोल वचन, जो हर युवा के लिए हैं प्रेरणा
भीमराव अंबेडकर का जीवन परिचय
डाॅ. भीमराव अंबेडकर का जन्म मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव महू में 14 अप्रैल 1891 में हुआ था। हालांकि उनका परिवार मूल रूप से रत्नागिरी जिले से ताल्लुक रखता था। अंबेडकर के पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल था, वहीं उनकी माता भीमाबाई थीं। डॉ. अंबेडकर महार जाति के थे। ऐसे में उन्हें बचपन से ही भेदभाव का सामना करना पड़ा।
अंबेडकर की शिक्षा
बाबा साहेब बचपन से ही बुद्धिमान और पढ़ाई में अच्छे थे। हालांकि उस दौर में छुआछूत जैसी समस्याएं व्याप्त होने के कारण उनकी शुरुआती शिक्षा में काफी परेशानी आई। लेकिन उन्होंने जात पात की जंजीरों को तोड़ अपनी पढ़ाई पूरी की। मुंबई के एल्फिंस्टन रोड पर स्थित सरकारी स्कूल में वह पहले अछूत छात्र थे। बाद में 1913 में अंबेडकर ने अमेरिका के कोलंबिया यूनिवर्सिटी से आगे की शिक्षा ली। यह एक बड़ी उपलब्धि थी कि साल 1916 में बाबा साहेब को शोध के लिए सम्मानित किया गया था।
बाबा साहेब को मिली डाॅक्टर की उपाधि
लंदन में पढ़ाई के दौरान उनकी स्कॉलरशिप खत्म होने के बाद वह स्वदेश वापस आ गए और यहीं मुंबई के सिडनेम कॉलेज में प्रोफेसर के तौर पर नौकरी करने लगे। 1923 में उन्होंने एक शोध पूरा किया था, जिसके लिए उन्हें लंदन यूनिवर्सिटी ने डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि दी थी। बाद में साल 1927 में अंबेडकर ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से भी पीएचडी पूरी की।
अंबेडकर का करियर
बाबा साहेब अंबेडकर की उपलब्धि
वीर बाल दिवस
वीर बाल दिवस भारत में हर साल 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहसी पुत्रों, ...
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